चंडिका धाम मे दो विग्रह स्थापित हैं जिन्हे चंडिका व अम्बिका के रूप मे जाना जाता है इनका श्री मुख गंगा की तरफ है। चंडिका धाम की सीढि़यों से सट कर हमेशा गंगा जी का जल प्रवाहित होता है। वैसे तो धाम मे हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है पर यह भीड़ नवरात्र के दिनों में बढ़ जाती है। कानपुर, रायबरेली , फतेहपुर , इलाहाबाद, कौशांबी समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ साथ दूसरे प्रदेशों से भी भक्त मां के दर्शन पूजन के लिए आते हैं। मंदिर मे प्रति दिन तीनों पहर आरती व मां का श्रंगार होता है। चंडिका धाम मे दो विग्रह स्थापित हैं जिन्हे चंडिका व अम्बिका के रूप मे जाना जाता है चंडिका धाम मे दो विग्रह स्थापित हैं जिन्हे चंडिका व अम्बिका के रूप मे जाना जाता है इनका श्री मुख गंगा की तरफ है। चंडिका धाम की सीढि़यों से सट कर हमेशा गंगा जी का जल प्रवाहित होता है। वैसे तो धाम मे हमेशा श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है पर यह भीड़ नवरात्र के दिनों में बढ़ जाती है। कानपुर, रायबरेली , फतेहपुर , इलाहाबाद, कौशांबी समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ साथ दूसरे प्रदेशों से भी भक्त मां के दर्शन पूजन के लिए ...
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