भगवान श्रीरामचंद्र और सीता के पुत्र ने यहां की थी कुशहरी देवी की स्थापना...........
कुषाण काल मेें स्थापित कुशहरी देवी की महिमा दूर-दूर तक फैली है। यहां पर नवरात्र मेें लाखों की संख्या में भक्त पहुंचकर मां की उपासना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीरामचंद्र के पुत्र कुश ने अपनी मां सीता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्नाव के कुसुंभी गांव में देवी की स्थापना की थी। जो बाद में माता कुशहरी देवी के नाम से विख्यात हुईं। शक्तिपीठों मेें से एक:- यूपी के उन्नाव जिले के नवाबगंज कस्बे से लगभग चार किमी दूर कुसुंभी गांव में माता कुशहरी देवी का प्राचीन मंदिर है। बताया जाता है कि यह मंदिर भारत देश में वर्णित शक्तिपीठों मेें से एक है। मान्यताओं के आधार पर जब श्रीराम ने सीता का परित्याग किया और अपने भाई लक्ष्मण को आदेश दिया कि जाओ सीता को गंगातट के जंगलों में छोड़ आओ। तो भाई का आदेश मिलते ही लक्ष्मण सीता को रथ पर बिठाकर निकल पड़े। मार्ग में माता सीता को प्यास लगी तो उन्होंने लक्ष्मण से जल लाने के लिए कहा। पात्र लेकर जैसे ही एक कुएं से जल लेने का प्रयास किया तो कुएं से एक आवाज आई कि पहले मुझे बाहर निकालो फिर यहां से जल भरो। लक्ष्मण ने वैसा ही किया तो कुंए से ...